जब चाँद गगन पर आने लगे , और रात का अँधेरा शर्माने लगे | तुम एक नीलिमा सी बन फूलों की, मेरे सपनो में आ गुनगुनाने लगे | पलकों को परियां झुलाने लगे , मीठी निंदिया हिलोरे लगाने लगे ||
.........by nutan एक मीठी नींद के लिए आगाज .have a sound n soothing sleep.. Good Night...Dr Nutan Gairola... feb 13 - 2010 फोटो सौजन्य -गूगल इमेज पोस्टेड इन ब्लॉग ओं १२ / ०९/ २०१० ...१२ : २५
5 comments:
सुन्दर रूमानी कविता !
ब्लॉग का कलएवर भी पसंद आया और कविता भी..
शुभदिवस अरविन्द जी !! धन्यवाद
धन्यवाद पंकज जी..
mithi aagaj... sundar likha hai..
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