सांझ यूँ ढली. अँधेरे उजाले की लुक्काछिप्पी के उतार चढाव के मध्य.. सूरज गगन में नववर्ष की शुभकामना देता मुस्कुराने लगा | आओ नवप्रभात, नववर्ष का स्वागत है, तिलक है, है अभिनन्दन | |
वर्ष २०१० की भावभीनी विदाई के साथ नववर्ष का स्वागत है | जाने वाले जो अच्छा दिया तुने उसे गुन लिया मैंने जो बुरा था, वो भला था उससे सबक लिया है मैंने | आने वाला तू अपनी झोली में भरभर खुशहाली लाएगा, इसी विश्वास के संग तेरा स्वागत किया है मैंने | एक इच्छा है, एक कामना है, एक आशा है, एक विश्वास है, एक दुवा है - हम और हम सबका आने वाला साल शुभ और मंगलमयी हो खुशियों से भरा हो | हम खुद में निहित बुराइयों को बाय बाय कह सकें और अच्छे गुणों का स्वागत कर सकें | उन्हें अपना सकें और अमल में ला सकें |हमारा घर, परिवार, मित्र, समाज, देश, दुनिया हर जगह खुशिया हो, सभी सुरक्षित स्वस्थ हो | मंगलकामनाये सभी को नववर्ष पर हार्दिक शुभकामनाएं डॉ नूतन गैरोला |
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