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Tuesday, June 28, 2011

पुनरावृति - डॉ नूतन गैरोला डिमरी

 नुत


 
जीती रही जन्म जन्म,
पुनश्च मरती रही,
मर मर जीती रही पुनः,
चलता रहा सृष्टिक्रम,
अंतविहीन पुनरावृति क्रमशः|

 

                        डॉ नूतन डिमरी गैरोला

 

 

28 comments:

रश्मि प्रभा... said...

bahut hi mukhar ehsaas hain

Roshi said...

sunder bhav..........

संगीता स्वरुप ( गीत ) said...

यही पुनरावृति होती रहती है

Patali-The-Village said...

बहुत सुन्दर भाव|

शालिनी कौशिक said...

bhavpoorn abhivyakti.

कुश्वंश said...

bahut hi sundar ahsaas

AlbelaKhatri.com said...

waah !
kramshah ka itna sundar upyog

pahli baar dekha kavita me


bahut sundar...abhinav kavita...badhaai aapko !

प्रवीण पाण्डेय said...

यही क्रम है, बढ़ते रहने का।

श्रीप्रकाश डिमरी /Sriprakash Dimri said...

जीवन की शास्वत पुनरावृत्ति का अंतहीन क्रम ..बहुत ही सुन्दर भाव....

udaya veer singh said...

Recycling of life is perpetual, some paths used to say ,its a mystic subject but existed so for, philosophy is running behind..Its a very precious thought in nutshell,appreciable one .Thanks .

ѕнαιя ∂я. ѕαηנαу ∂αηι said...

nice one.

डॉ॰ मोनिका शर्मा said...

बहुत बढ़िया...गहन अभिव्यक्ति....

सदा said...

भावमय करते शब्‍द ।

वन्दना said...

यही जीवन चक्र है।

Navin C. Chaturvedi said...

यही है जीवन क्रम

सुशील बाकलीवाल said...

यही तो है जिन्दगी । सुन्दर संयोजन...

सुशील बाकलीवाल said...

यही तो है जिन्दगी. सुन्दर संयोजन...

चंद्रमौलेश्वर प्रसाद said...

यह सिलसिला तो चलता ही रहेगा॥

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) said...

यही तो जीवनचक्र है!

रचना दीक्षित said...

जिंदगी का सफर ऐसे ही चलता है. अच्छे भाव.

महेन्द्र श्रीवास्तव said...

वाह, बहुत सुंदर। फिल्म के एक गाने की दो लाइनें याद आ रही हैं।
जिंदगी का सफर, है ये कैसा सफर, कोई समझा नहीं, कोई जाना नहीं।

Er. Diwas Dinesh Gaur said...

सुन्दर भाव...

सतीश सक्सेना said...

वाकई बढ़िया ...सोंचने को मजबूर करती रचना ! बेहतरीन प्रयोग !
शुभकामनायें आपको !

abhi said...

सच!! :)

Vivek Jain said...

बहुत सुंदर, जिंद्गी ऐसी ही है,
बधाई,
विवेक जैन vivj2000.blogspot.com

Er. सत्यम शिवम said...

आपका स्वागत है "नयी पुरानी हलचल" पर...यहाँ आपके पोस्ट की है हलचल...जानिये आपका कौन सा पुराना या नया पोस्ट कल होगा यहाँ...........
नयी पुरानी हलचल

vidhya said...

आप का बलाँग मूझे पढ कर आच्चछा लगा , मैं बी एक बलाँग खोली हू
लिकं हैhttp://sarapyar.blogspot.com/

मै नइ हु आप सब का सपोट chheya

कविता रावत said...

bahut badiya chitramay prastuti...